संस्कार जीवन के प्रत्येक चरण को परिष्कृत करने वाले पवित्र कर्म हैं, जो वैदिक मन्त्रों और हवन से किए जाते हैं। आर्य समाज इन्हें सादगी से, बिना आडम्बर व अन्धविश्वास के सम्पन्न कराता है।
आर्य समाज विवाह
वैदिक विवाह हवन, सप्तपदी और अग्नि के समक्ष प्रतिज्ञाओं सहित एक पवित्र व सरल संस्कार है। पात्रता, आवश्यक दस्तावेज़ और समय के लिए कृपया पहले संपर्क करें।
सोलह संस्कार
- 1. गर्भाधान
- 2. पुंसवन
- 3. सीमन्तोन्नयन
- 4. जातकर्म
- 5. नामकरण
- 6. निष्क्रमण
- 7. अन्नप्राशन
- 8. चूडाकर्म (मुण्डन)
- 9. कर्णवेध
- 10. उपनयन
- 11. वेदारम्भ
- 12. समावर्तन
- 13. विवाह
- 14. वानप्रस्थ
- 15. संन्यास
- 16. अन्त्येष्टि
अनुरोध पर गृह-प्रवेश तथा अन्य वैदिक यज्ञ भी सम्पन्न कराए जाते हैं। अंतरजातीय विवाह → · संपर्क करें →